विधि · मूल देवनागरी पाठ
सोमवार व्रत पूजा विधि
Somvar Vrat Puja Vidhi
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सुबह की तैयारी
ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें और साफ़ (हो सके तो सफ़ेद) कपड़े पहनें।
पूजा स्थान साफ़ करें, गंगाजल छिड़कें और दीपक जलाएँ।
हाथ में जल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें: "हे महादेव, मैं आज सोमवार का व्रत श्रद्धा से रखूँगा/रखूँगी।"
पूजा
शिवलिंग पर पहले जल, फिर कच्चा दूध, फिर पंचामृत और अंत में फिर शुद्ध जल चढ़ाएँ। अभिषेक करते समय "ॐ नमः शिवाय" जपते रहें।
सफ़ेद चंदन लगाएँ, अक्षत, बेलपत्र (चिकनी तरफ़ शिवलिंग की ओर), धतूरा, आक और सफ़ेद फूल अर्पित करें।
माता पार्वती और गणेश जी का भी पूजन करें।
धूप-दीप दिखाएँ और फल-मिठाई का भोग लगाएँ।
सोमवार व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
"ॐ नमः शिवाय" की कम से कम एक माला (108 बार) जप करें।
शिव जी की आरती "ॐ जय शिव ओंकारा" करें और भूल-चूक के लिए क्षमा माँगें।
शाम और व्रत खोलना
शाम को (प्रदोष काल में) फिर दीपक जलाकर शिव जी की आरती करें।
भोग का प्रसाद बाँटें, फिर सात्विक भोजन या फलाहार से व्रत खोलें।
आप जहाँ चाहें, वहीं रुक सकते हैं।
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